बीकानेर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत गुरुवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान अचानक आग लगने जैसी स्थिति तैयार कर अस्पताल स्टाफ को आपातकालीन हालात से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
Health Department Rajasthan के तहत आयोजित इस अभियान में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग और सुरक्षा संबंधी मानक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित रीफिलिंग करवाई जाए तथा फायर एग्जिट हमेशा खाली और सुगम रखे जाएं।
जिला फायर सेफ्टी नोडल अधिकारी डॉ. योगेंद्र तनेजा ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान यह अभ्यास कराया गया कि आग लगने या धुआं फैलने की स्थिति में बिना घबराए किस तरह शांत रहकर सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। प्रशिक्षण में नियंत्रित छोटी आग लगाकर उसे अग्निशमन यंत्र से बुझाने का प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों को पिन निकालने और सही दूरी से स्प्रे करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भी आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकास और बचाव उपायों की जानकारी दी गई। जिन बड़े अस्पतालों में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम लगे हैं, वहां कृत्रिम धुआं पैदा कर उनकी कार्यक्षमता की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों में आग लगने की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इस तरह का प्रशिक्षण आपदा के समय त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
