Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: सिंधु जल से राजस्थान को पानी मिलने की उम्मीद फिर जगी
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > सिंधु जल से राजस्थान को पानी मिलने की उम्मीद फिर जगी
बीकानेर

सिंधु जल से राजस्थान को पानी मिलने की उम्मीद फिर जगी

editor
editor Published April 25, 2025
Last updated: 2025/04/25 at 11:00 AM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

जयपुर। सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद राजस्थान को इसका लाभ मिलने की संभावना तेज हो गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के बीच इसको लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अब वह समय आ गया है, जब सिंधु नदी की सहायक नदियों—रावी और सतलुज—से पानी को हरिके बैराज होते हुए इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से राजस्थान तक लाया जा सकता है।

हरिके बैराज से जुड़ सकता है रास्ता:
हरिके बैराज पंजाब में सतलुज और ब्यास नदियों के संगम पर स्थित है, जहां से इंदिरा गांधी नहर की शुरुआत होती है। फिलहाल हरिके बैराज से आने वाला पानी पंजाब और राजस्थान के बीच बंटता है। अधिकारियों के अनुसार यदि इंदिरा गांधी नहर प्रणाली और इसके फीडरों की क्षमता को बढ़ा दिया जाए, तो अतिरिक्त जल को राजस्थान तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

फीडरों की मजबूती पर ज़ोर:
राजस्थान फीडर (हरियाणा) और सरहिन्द फीडर (पंजाब) की वर्तमान स्थिति को लेकर विभाग पहले से ही सुधार कार्यों में जुटा है। करीब 197 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और विस्तार की योजना पर काम हो रहा है। इससे पानी के प्रवाह की क्षमता में बढ़ोतरी होगी, जिससे अतिरिक्त 6000 क्यूसेक तक पानी राजस्थान को मिल सकेगा।

बरसात में बहकर जाता है पानी:
फिलहाल हरिके बैराज से बरसात के समय में बड़ी मात्रा में पानी बहकर पाकिस्तान की ओर चला जाता है। यदि नहर प्रणाली की मरम्मत और विस्तार हो जाए, तो यह पानी राजस्थान के पश्चिमी जिलों में सिंचाई और पेयजल के काम आ सकता है। वर्तमान में इंदिरा गांधी नहर से लगभग 18,400 क्यूसेक पानी लाया जा सकता है, लेकिन फीडरों की सीमित क्षमता के कारण अतिरिक्त जल नहीं आ पा रहा।

- Advertisement -

कैसे लाया जा सकता है सिंधु का पानी:
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु नदी के बहाव को नियंत्रित करते हुए उसके पानी को रावी और ब्यास से जोड़ा जाए। इसके बाद सतलुज नदी के जरिए उसे हरिके बैराज तक लाकर वहां से इंदिरा गांधी नहर में डाला जा सकता है। इस प्रक्रिया के सफल होने पर न केवल राजस्थान की जल संकट की समस्या को काफी हद तक हल किया जा सकेगा, बल्कि खेती और पीने के पानी की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

अब जबकि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता स्थगित हो चुका है, इस दिशा में ठोस कदम उठाने का अनुकूल समय माना जा रहा है। जल संसाधन विभाग ने इस योजना पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है और अगले कुछ महीनों में इसके लिए तकनीकी रूप से विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सकती है।


Share News

editor April 25, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
बीकानेर
बीकानेर में पुलिसकर्मी के घर दूसरी बार चोरी, सुरक्षा पर उठे सवाल
बीकानेर
मंगल गोचर से बनेगा रुचक योग, दो राशियों की चमकेगी किस्मत
बीकानेर
पदोन्नति के बाद 16 आरपीएस अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग
बीकानेर
स्कूटी की डिग्गी में हेरोइन सप्लाई करने वाला आरोपी गिरफ्तार
बीकानेर
सिंथेसिस में नीट और जेईई टारगेट बैच 11 मई से शुरू
बीकानेर
उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
बीकानेर
सिंगल यूज प्लास्टिक की सूचना देने पर मिलेगा इनाम
बीकानेर

You Might Also Like

बीकानेर

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

Published May 9, 2026
बीकानेर

बीकानेर में पुलिसकर्मी के घर दूसरी बार चोरी, सुरक्षा पर उठे सवाल

Published May 9, 2026
बीकानेर

मंगल गोचर से बनेगा रुचक योग, दो राशियों की चमकेगी किस्मत

Published May 9, 2026
बीकानेर

पदोन्नति के बाद 16 आरपीएस अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग

Published May 9, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?