उदयपुर का सज्जनगढ़ जैविक उद्यान राजस्थान का पहला ऐसा जैविक उद्यान बनने जा रहा है, जहां पर्यटक जिराफ को देख सकेंगे। उद्यान में इस अनोखे आकर्षण को जोड़ने के लिए उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने वन विभाग को दो करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। जिराफ एनक्लोजर की डिज़ाइन विशेषज्ञ तुषार कुलकर्णी की देखरेख में तैयार की गई है, और मार्च 2025 तक इसका निर्माण पूर्ण कर उद्घाटन किए जाने की योजना है।
सज्जनगढ़ जैविक उद्यान में गेट नंबर तीन के पास 76,611 वर्ग फीट में जिराफ एनक्लोजर का निर्माण होगा, जिसमें 61,547 वर्ग फीट का डिस्प्ले एरिया होगा। इस एरिया में पर्यटक जिराफ को घूमते हुए देख सकेंगे, जबकि 15,064 वर्ग फीट का होल्डिंग एरिया जिराफों के रहने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाएगा, जिसमें सर्दियों के दौरान अनुकूल तापमान बनाए रखने के लिए हीटर लगाए जाएंगे।
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मैसूर से जिराफ का जोड़ा उदयपुर लाया जाएगा। इसके बाद भविष्य में ब्रीडिंग से जिराफों की संख्या बढ़ाने की योजना है। विशेषज्ञ कुलकर्णी के अनुसार, जिराफ का ऊंचाई 16-17 फीट और वजन 1200 किलोग्राम तक हो सकता है, और यह जीव मूलतः अफ्रीकी रेगिस्तान से संबंध रखता है। हालांकि, यह जीव वर्तमान में पटना, मैसूर, गुवाहाटी, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और विशाखापट्टनम जैसे शहरों के कुछ गिने-चुने चिड़ियाघरों में ही पाया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में जिराफ का संबंध सदियों पुराना है। यह कहा जाता है कि पुराने समय में ब्रह्मोथेरियम और शिवोथेरियम प्रजाति के रूप में जिराफ की उपस्थिति थी। उद्यान के उपवन संरक्षक (वन्यजीव) देवेंद्र कुमार तिवारी ने जानकारी दी कि उद्यान में लॉयन सफारी और रेप्टाइल हाउस का उद्घाटन भी जल्द ही किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को आकर्षण और सुविधाओं का अनुभव मिलेगा।
