बीकानेर। अनूपगढ़ के चक 16 ए में रहने वाली जसदेव सिंह के साथ किसी व्यक्ति ने विदेश में रह रहे फर्जी रिश्तेदार बनकर 5 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। जसदेव सिंह को जब उसके साथ हुई ठगी का पता चला तो वह हक्का-बक्का रह गया और जसदेव सिंह ने अनूपगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। आवाज एक जैसी होने के कारण खाया धोखा जसदेव सिंह (62) पुत्र चंद सिंह जट्टसिख ने बताया कि वह अनूपगढ़ के एक निजी विद्यालय में अध्यापक के पद पर कार्यरत है। उसके बहनोई बलवीर सिंह अपने परिवार के साथ काफी वर्षों से इटली में रह रहे है। जसदेव सिंह ने बताया कि 7 दिसंबर को विदेशी नंबर से किसी व्यक्ति की व्हाट्सएप पर कॉल आई और उसने खुद को जसदेव सिंह का बहनोई बताया। जसदेव सिंह ने बताया कि उस व्यक्ति की आवाज भी उसके बहनोई जैसी ही थी इसलिए वह उसकी बातों में आ गया। उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति ने कहा कि दिल्ली में उसका कोई परिचित है और उसकी मां बीमार है। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उसका हार्ट का ऑपरेशन होना है इसलिए उसे रुपयों की बहुत आवश्यकता है। उस व्यक्ति के द्वारा दिल्ली के एक अस्पताल की और उसमें एडमिट एक महिला की फोटो भी व्हाट्सएप पर भेजी गई जो कि फर्जी पाई गई।
ऑपरेशन के बहाने 5 लाख 55 हजार रुपये की ठगी की
जसदेव सिंह ने बताया कि जिस व्यक्ति ने फोन किया था उसने उसने कहा कि वह उसके बैंक खाते में 7 लाख रुपए भेज रहा है ताकि वह रुपए जसदेव सिंह उसके परिचित को इलाज के लिए दे सके। कुछ ही देर में तथाकथित रिश्तेदार ने जसदेव सिंह के बैंक खाते में 7 लाख रुपए ट्रांसफर करवाने की फर्जी जमा पर्ची व्हाट्सएप पर भेज दी। जसदेव सिंह ने बताया कि कुछ समय बाद तथाकथित रिश्तेदार ने एक लाख रुपए भारत के मोबाइल नम्बर पर फोन पे पर ट्रांसफर करवा लिए। जसदेव सिंह ने बताया कि फोन पे पर उसे अकाउंट का नाम लक्ष्मण शाह के नाम से आ रहा था। जसदेव सिंह ने बताया कि कुछ समय बाद तथा कथित रिश्तेदार का दोबारा फोन आता है और वह फिर 3 लाख रुपए भी ट्रांसफर करने के लिए कहता है। जसदेव सिंह ने बताया कि उसने तथाकथित रिश्तेदार के कहने पर 3 लाख रुपए भी ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद तथाकथित रिश्तेदार के द्वारा फिर से परिचित की मां के ऑपरेशन की बात कहकर रुपए मांगे गए। जसदेव सिंह ने बताया कि इस तरह से एक ही दिन में उसने फोन पे और एक दिल्ली की एसबीआई ब्रांच के खाते में कुल साढ़े 5 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। जगदीश सिंह ने बताया कि 5 लाख 55 हजार रुपयों में से 1 लाख 55,000 रुपए उसने अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर ट्रांसफर करवाए थे।
बार-बार रुपए मांगने पर हुआ शक
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जसदेव सिंह ने बताया कि 10 दिसंबर को एक बार फिर तथाकथित रिश्तेदार के द्वारा रुपयों की फिर मांग की गई। इस पर उसे शक हो गया और जिस बैंक खाते में तथाकथित रिश्तेदार ने 7 लाख रुपए ट्रांसफर करने की बात कही थी उसे चेक किया गया तो उसके होश उड़ गए क्योंकि उसके खाते में एक भी रुपया उस व्यक्ति के द्वारा जमा नहीं करवाया गया था। तथाकथित रिश्तेदार के द्वारा जो जमा पर्ची भेजी गई थी वह भी फर्जी पाई गई। जसदेव सिंह ने इटली में रह रहे अपने रिश्तेदार को जब फोन कर इस बात की जानकारी चाही तो रिश्तेदार के द्वारा इस तरह से कोई भी फोन नहीं करने की बात कही गई। जिस पर जसदेव सिंह ने अनूपगढ़ पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
