राजस्थान के जोधपुर से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पिता ने ‘रक्षक’ से ‘भक्षक’ बनते हुए अपनी ही दो बेटियों के जीवन को नर्क बना दिया। आरोपी पिता पिछले 12 वर्षों से अपनी बड़ी बेटी को डरा-धमकाकर और मारपीट कर उसका दैहिक शोषण कर रहा था। हैवानियत की हद तब पार हो गई जब उसने अपनी 15 वर्षीय छोटी बेटी के साथ भी छेड़छाड़ शुरू कर दी।
मामले का खुलासा और साहस की कहानी: यह घिनौना सच तब उजागर हुआ जब छोटी बहन ने पिता की गंदी हरकतों का विरोध किया और अपनी बड़ी बहन को इस बारे में बताया। सालों से खौफ के साये में जी रही बड़ी बहन ने हिम्मत जुटाई और दोनों ने मिलकर अपनी माँ को आपबीती सुनाई।
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पारिवारिक कलह और आरोपी का फरार होना: माँ द्वारा विरोध करने पर घर में भारी विवाद हुआ। कानूनी कार्रवाई के डर से आरोपी पिता तीन दिन पहले ही घर से भाग निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पिता (पीड़िताओं के दादा) ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जबकि वह असल में अपराध कर फरार हुआ है।
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पुलिसिया कार्रवाई: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बलात्कार (Rape) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण करवा लिया गया है और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
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पुलिस का वक्तव्य: “आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा रही है। अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जब घर के भीतर ही बच्चे सुरक्षित न हों, तो समाज किस दिशा में जा रहा है। 12 साल तक एक बेटी का चुपचाप जुल्म सहना और फिर छोटी बहन के लिए ढाल बनकर खड़े होना, उसके अदम्य साहस को दर्शाता है।
क्या आप चाहेंगे कि मैं इस विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए एक लेख या सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करूँ, ताकि ऐसे अपराधों के खिलाफ लोग आवाज़ उठा सकें?

