भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर चल रही तल्खी के बीच एक अहम राजनीतिक संकेत सामने आया है। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले समय में भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। इस बयान के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत रूस से कच्चा तेल आयात करता है, जिसको लेकर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है।
मोदी-ट्रंप रिश्तों पर राजदूत का भरोसा
पदभार संभालने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच दोस्ती मजबूत और भरोसे पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सच्चे मित्रों के बीच कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अंततः संवाद के जरिए समाधान निकल आता है।
गोर ने यह भी बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से ट्रंप के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं और इस रिश्ते को करीब से समझते हैं। उनके अनुसार, यह दोस्ती केवल राजनीतिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है।
- Advertisement -
ट्रंप के भारत दौरे पर क्या बोले राजदूत
राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप की संभावित भारत यात्रा को लेकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले एक या दो वर्षों में राष्ट्रपति ट्रंप भारत का दौरा कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई, लेकिन यह साफ किया कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद लगातार जारी है।
ट्रेड डील पर बातचीत जारी
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी राजदूत ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी सक्रिय रूप से ट्रेड डील पर चर्चा कर रहे हैं और मंगलवार को इस विषय पर एक अहम बैठक प्रस्तावित है।
गोर के अनुसार, भारत जैसा विशाल बाजार होने के कारण ट्रेड डील को अंतिम रूप देना आसान नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
राजनीतिक संदेश साफ
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ विवाद के बावजूद ट्रंप के संभावित भारत दौरे की चर्चा यह संकेत देती है कि भारत-अमेरिका संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक स्तर पर दोनों देश एक-दूसरे के अहम साझेदार बने हुए हैं।

