बीकानेर में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। हाल ही में देश में सामने आए कोचिंग सेंटर हादसों के बाद शहर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों के लिए सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करना अब अनिवार्य हो गया है। इसी कड़ी में नगर निगम की फायर सेफ्टी टीम ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
नगर निगम ने शुरू किया विशेष निरीक्षण अभियान
नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी के निर्देश पर शहर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है।
असिस्टेंट फायर ऑफिसर जगवीर सिंह कटारिया के नेतृत्व में गठित टीमों ने जवाहर नगर क्षेत्र स्थित एक आईटी कम्प्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया।
जांच में मिली कई खामियां
निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी सिस्टम और सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। कुछ स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई, जबकि कुछ संस्थानों में पहले दिए गए निर्देशों की पालना नहीं की गई थी।
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अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
एक सप्ताह में सुधार के निर्देश
नगर निगम की ओर से संबंधित संस्थानों को सात दिनों का समय दिया गया है। इस अवधि के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी करने और फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ संस्थानों को पहले भी सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं किए गए।
कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संभावित कार्रवाई में शामिल हो सकते हैं:
- संस्थान को सीज करना
- संचालन पर रोक लगाना
- नियमानुसार जुर्माना लगाना
- अन्य कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शहरभर में जारी रहेगा अभियान
नगर निगम की फायर सेफ्टी टीम आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और शैक्षणिक परिसरों का निरीक्षण जारी रखेगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
संचालकों को दिए गए निर्देश
प्रशासन ने कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों से कहा है कि वे सभी सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा करें और आवश्यक उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखें।
मुख्य निर्देश:
- फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
- आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रखें।
- विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन करें।
- विद्यार्थियों की क्षमता के अनुसार भवन का उपयोग करें।
- आपदा प्रबंधन से जुड़े नियमों की पालना करें।
निष्कर्ष
बीकानेर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आई खामियों पर नोटिस जारी कर संचालकों को सुधार का अवसर दिया गया है। यदि तय समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो नगर निगम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
