बीकानेर में नकली बीज खपाने और उसके बदले 2 करोड़ 45 लाख रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी जुगल किशोर बिश्नोई, उनके भांजे स्वतंत्र ज्याणी सहित कुल छह आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, सभी आरोपियों को पहले सात दिन की रिमांड पर एसीबी की हिरासत में रखा गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेजने के आदेश दिए गए।
पूछताछ में मिले अहम सुराग
जांच एजेंसियों के अनुसार रिमांड के दौरान पूछताछ में पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी अलग से जांच एसीबी द्वारा की जा रही है।
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कैसे शुरू हुआ मामला
यह मामला 7 जून को तब सामने आया जब लूणकरणसर में एक निजी बस से स्वतंत्र ज्याणी को 85 लाख रुपये नकद के साथ पकड़ा गया। वह जुगल किशोर बिश्नोई का भांजा बताया जा रहा है।
इसके बाद एसीबी ने जयपुर रोड स्थित जुगल किशोर बिश्नोई के घर पर छापेमारी की, जहां से करीब 1 करोड़ 59 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
जांच आगे बढ़ने पर जयपुर के अरावली अपार्टमेंट से जुगल किशोर बिश्नोई को हिरासत में लिया गया, जबकि गोपालपुरा स्थित एक होटल से किरण कपाड़िया, कथित दलाल सुनील सेठिया और अन्य को पकड़ा गया। इसी कड़ी में गणपत बिश्नोई और सतपाल की भी गिरफ्तारी हुई थी।
सरकार की कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद सरकार ने जुगल किशोर बिश्नोई को उनके पद से हटा दिया है। आठ जून को एसीबी ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
फिलहाल पूरा मामला एसीबी की विशेष अदालत और जांच एजेंसियों के अधीन है, जहां आगे की कार्रवाई जारी है।
