बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती एक और प्रसूता की आंखों की रोशनी चले जाने का मामला सामने आया है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अब उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार श्रीरामसर निवासी शारदा को 3 जून को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 जून को उनकी सिजेरियन डिलीवरी हुई, लेकिन ऑपरेशन के करीब दो घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर 5 जून की सुबह उन्हें पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
चिकित्सकीय जांच में महिला के मल्टी ऑर्गन फेलियर की स्थिति सामने आई। बताया जा रहा है कि शारदा हेल्प (HELLP) सिंड्रोम से प्रभावित हो गई हैं, जिसके कारण उनकी किडनी पर भी गंभीर असर पड़ा है। इसी दौरान उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई।
स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद पहले बाइपैप मशीन पर रखा गया। स्थिति में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर शिफ्ट कर दिया।
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गौरतलब है कि इससे पहले सूरतगढ़ निवासी प्रीति की आंखों की रोशनी जाने का मामला भी सामने आ चुका है। प्रीति वर्तमान में भी वेंटिलेटर पर भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में शारदा को डेंजर जोन से बाहर बताया गया था, लेकिन अब सामने आई जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उपचार चल रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिजन मरीजों के बेहतर उपचार और स्थिति में सुधार की उम्मीद लगाए हुए हैं।
