बीकानेर में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के उद्देश्य से मिशन रोशनी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत रविवार को वरदान हॉस्पिटल में नि:शुल्क नशा मुक्ति परामर्श एवं काउंसलिंग शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में नशे की विभिन्न प्रकार की लत से जूझ रहे लोगों को चिकित्सकीय परामर्श, काउंसलिंग और उपचार की सुविधा प्रदान की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
शिविर के दौरान डॉ. सिद्धार्थ असवाल ने कुल 38 मरीजों की जांच एवं उपचार किया। इनमें बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, डोडा पोस्त, अफीम तथा एमडी जैसे नशीले पदार्थों की लत से प्रभावित लोग शामिल रहे। मरीजों को व्यक्तिगत काउंसलिंग के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही नशा छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मरीजों को आवश्यक दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित परामर्श और उपचार से नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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आयोजकों ने बताया कि मिशन रोशनी अभियान के तहत प्रत्येक माह की 7 तारीख को ऐसे नि:शुल्क नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस पहल का लाभ पहुंचाया जा सके और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकें।
नशा मुक्ति अभियान से जुड़े लोगों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करें और जरूरतमंद लोगों को उपचार एवं परामर्श के लिए प्रेरित करें।
