बीकानेर। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने परिवहन विभाग द्वारा किए जा रहे चालानों के निस्तारण की वर्तमान व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री को एक पत्र भेजकर इस पूरी प्रक्रिया में तुरंत सुधार करने की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि परिवहन विभाग के अधिकारी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर मालवाहक वाहनों के चालान तो काट देते हैं, लेकिन उसका भुगतान और निस्तारण कराने के लिए गाड़ी मालिकों को संबंधित अधिकारी के मूल कार्यक्षेत्र (ऑफिस) में जाने के लिए मजबूर किया जाता है। इससे ट्रक ऑपरेटरों, वाहन मालिकों और चालकों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
व्यापार और ट्रांसपोर्टर्स पर पड़ रहा है बुरा असर
मंडल के सचिव संजय जैन सांड ने इस व्यवस्था से होने वाले नुकसान को रेखांकित करते हुए मुख्य बातें बताईं:
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छोटे ऑपरेटर परेशान: इस पेचीदा नियम से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे और एकल (सिंगल) ट्रक मालिकों को हो रहा है।
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व्यापार ठप: चालान सेटल होने में देरी की वजह से गाड़ियां कई-कई दिनों तक खड़ी रहती हैं, जिससे समय पर माल नहीं पहुंच पाता और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल की प्रमुख मांगें
परिवहन व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए मंडल ने सरकार के सामने निम्नलिखित सुझाव रखे हैं:
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‘जहां चालान, वहीं भुगतान’: जिस स्थान, क्षेत्र या जिले में वाहन का चालान काटा गया है, वहीं पर उसके निस्तारण और जुर्माने के भुगतान की व्यवस्था की जाए।
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तुरंत गाड़ी हो रिलीज: चालान राशि जमा होते ही गाड़ी को तुरंत छोड़ने (रिलीज करने) की प्रक्रिया लागू की जाए।
निष्कर्ष: मंडल का कहना है कि इस बदलाव से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी। साथ ही, प्रदेशभर के हजारों ट्रक ऑपरेटरों और चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। मंडल ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से इस मामले में जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
