बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र में मुख्य नहर की आरडी 931 के पास दाहिनी वन पट्टी में बिजली लाइन के शॉर्ट-सर्किट से भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। यह हादसा शाम करीब 5 बजे से 5:15 बजे के बीच हुआ, जिसमें हजारों पेड़ जलकर नष्ट हो गए।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, वन पट्टी से गुजर रही बिजली लाइन के तार तेज हवाओं के कारण सफेदे के पेड़ों से टकरा गए। इसी दौरान हुए शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई, जो तेज हवा के चलते तेजी से फैलती गई। कुछ ही समय में आग ने लगभग 2 से 3 बीघा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें सफेदा, कीकर और खेजड़ी के बड़े पैमाने पर पेड़ जल गए।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। एसडीएम बज्जू सांवरमाल रैगर के निर्देश पर नायब तहसीलदार नितिन पुरोहित और पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
दमकल विभाग की तीन गाड़ियां बीकानेर और गुड़ा पावर प्लांट से मौके पर पहुंचाई गईं, जिन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। मांगीलाल और नरसीराम बिश्नोई सहित ग्रामीणों ने अपने खेत की डिग्गी और फव्वारा पाइप का उपयोग कर आग फैलने से रोकने में मदद की।
- Advertisement -
नायब तहसीलदार नितिन पुरोहित ने बताया कि आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी चिंगारियां भड़क रही हैं। तेज हवा के कारण पूरी तरह आग बुझाने में समय लग रहा है।
एसडीएम सांवरमाल रैगर ने कहा कि वन क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं गर्मी के मौसम में अक्सर सामने आती हैं। इसे रोकने के लिए वन, राजस्व, बिजली और पुलिस विभाग मिलकर एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करेंगे। साथ ही बिजली लाइनों के आसपास खतरनाक पेड़ों की छंटाई और कटाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि बज्जू क्षेत्र में अभी तक फायर स्टेशन स्वीकृत नहीं है, जिससे आग जैसी घटनाओं में राहत कार्यों में देरी होती है। इस दिशा में जल्द समाधान की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल दमकल और प्रशासनिक टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग पर पूरी तरह नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
