पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। खासकर फाल्टा क्षेत्र से सामने आई घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यहां स्थानीय महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर हिंसा, धमकी और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। एक महिला ने आरोप लगाया कि इस्राफील चौकीदार ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उनकी पार्टी जीतती है तो विरोध करने वालों के घर जला दिए जाएंगे और हिंसा होगी।
वहीं दूसरी महिला ने दावा किया कि उन्होंने सत्ताधारी दल को वोट दिया था, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है। इन बयानों के बाद इलाके में तनाव और गहरा गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है। आयोग का कहना है कि यह फैसला निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
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इधर, कोलकाता में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्ट्रॉन्गरूम के बाहर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल और नेताजी इंडोर स्टेडियम जैसे प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं।
प्रशासन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर भी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव नतीजों से पहले किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को रोकना उनकी प्राथमिकता है।
फिलहाल पूरे राज्य में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
