बीकानेर के चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जुड़ गई है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को प्रदेश की पहली अत्याधुनिक ऑर्थो बायोलॉजिकल रिजनरेटिव केयर (OBRC) क्लिनिक का शुभारंभ किया गया। इस क्लिनिक के शुरू होने से जोड़ों के दर्द और स्पोर्ट्स इंजरी से जूझ रहे मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिल सकेगी।
आधुनिक तकनीक से इलाज
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने क्लिनिक का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह सुविधा आमजन के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। उन्होंने मौके पर घुटनों के बिना सर्जरी उपचार की प्रक्रिया का अवलोकन भी किया।
कॉलेज की अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. रेखा आचार्य ने इसे पूरे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि इस तकनीक से बीकानेर में चिकित्सा अनुसंधान और स्पोर्ट्स मेडिसिन को नई दिशा मिलेगी।
शरीर की प्राकृतिक क्षमता से उपचार
ट्रॉमा सेंटर निदेशक और क्लिनिक प्रभारी डॉ. बी.एल. खजोटिया ने बताया कि इस पद्धति में शरीर की प्राकृतिक “हीलिंग पावर” का उपयोग किया जाता है। इससे जोड़ों के दर्द, आर्थराइटिस और खेल से जुड़ी चोटों का प्रभावी इलाज संभव है।
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रिसर्च और सहयोग से स्थापित
इस क्लिनिक में लगी आधुनिक मशीनें राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के रिसर्च ग्रांट, भामाशाह कुलरिया परिवार और भारतीय स्टेट बैंक के सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं।
हर मंगलवार को मिलेगी सुविधा
क्लिनिक प्रभारी डॉ. अजय कपूर के अनुसार, जीएफसी तकनीक से शुरुआती आर्थराइटिस के मरीजों को बिना ऑपरेशन काफी लाभ मिल रहा है। यह क्लिनिक प्रत्येक मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर के कमरा नंबर 26 में संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान सहयोग करने वाले भामाशाहों और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया।
