बीकानेर में अक्षय तृतीया के मौके पर पतंगबाजी का उत्साह चरम पर रहा। शहर की छतों पर युवाओं और परिवारों ने जमकर पतंग उड़ाई और त्योहार का आनंद लिया।
इस दौरान अलग-अलग हादसों में घायल होकर 42 लोग पीबीएम हॉस्पिटल पहुंचे। राहत की बात यह रही कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई और सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ट्रोमा सेंटर के मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. लवलीन कपिल के अनुसार, अधिकतर लोग मांझे से कटने के कारण घायल हुए थे। हालांकि घाव गहरे नहीं थे, इसलिए चायनीज मांझे की पुष्टि नहीं हो पाई।
इसके अलावा कई बच्चे और युवा पतंग उड़ाते समय छत से गिरने या सड़क पर पतंग लूटने के दौरान भी चोटिल हुए। पहले चायनीज मांझे के कारण हुए हादसे के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था, फिर भी हादसे सामने आते रहे।
