बीकानेर में स्थापना दिवस के अवसर पर शहर लगातार दूसरे दिन भी उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही गली-मोहल्लों की छतों पर युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। हर ओर ‘वो काटा’ और ‘बोयकट्या’ के नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण बना रहा।
शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग पतंगबाजी का आनंद लेते नजर आए। कहीं युवा पतंग उड़ाने में व्यस्त दिखे तो कहीं लोग स्थानीय गीतों की धुन पर झूमते दिखाई दिए। तेज गर्मी के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लोग इमली का रस, शरबत, कोल्ड ड्रिंक, जूस, छाछ और दही का सेवन कर खुद को तरोताजा रखते रहे।
चाइनीज मांझे से बढ़ी चिंता
उत्सव के बीच लापरवाही की तस्वीरें भी सामने आईं। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से कई लोगों के हाथ, गर्दन और चेहरे पर कट लगने की घटनाएं सामने आई हैं। डॉक्टरों और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद इसका उपयोग जारी रहना चिंता का विषय बना हुआ है।
महंगा हुआ मांझा और पतंग
इस बार बाजार में मांझे के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गुणवत्ता के अनुसार कीमत तय हो रही है, जहां तेज मांझा अधिक महंगा बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के Bareilly से बड़ी मात्रा में मांझे की सप्लाई बीकानेर पहुंच रही है।
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पतंगों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जो पतंग पहले बेहद सस्ती मिलती थी, अब उसकी कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। इसके बावजूद पतंगबाजी के शौकीनों का उत्साह बरकरार है।
आखातीज पर लोकगीतों की धूम
आखातीज के मौके पर बीकानेर की खास पहचान स्थानीय गीतों में भी नजर आई। हर साल की तरह इस बार भी पतंगबाजी और शहर की संस्कृति पर आधारित नए गीत तैयार किए गए हैं, जो लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। शहर की छतों से इन गीतों की गूंज सुनाई देती रही।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं और खासकर बच्चों पर नजर रखें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
