जयपुर में एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेशभर के निजी चिकित्सकों का विरोध लगातार जारी है। इसका असर अब आम लोगों पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले तीन दिनों से राज्य के निजी अस्पतालों में RGHS के तहत कैशलेस इलाज पूरी तरह बंद है।
बीकानेर के करीब 12 बड़े निजी अस्पतालों में गुरुवार को भी यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है। खासकर सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें अब परामर्श और दवाइयों के लिए नकद भुगतान करना पड़ रहा है।
इस स्थिति का सीधा दबाव पीबीएम अस्पताल पर पड़ा है, जहां मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। गुरुवार को ही 324 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से 9 को भर्ती करना पड़ा। वहीं पिछले तीन दिनों में कुल 664 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. एस.एन. हर्ष ने स्पष्ट कहा है कि डॉक्टर सोनदेव की बिना शर्त रिहाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
