बीकानेर सहित राजस्थान के कई इलाकों में सेना और छावनी क्षेत्रों की जासूसी का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आर्मी एरिया के आसपास सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी।
जांच में सामने आया है कि इन कैमरों का लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और खुफिया एजेंसियों तक भेजा जा रहा था। इस नेटवर्क में आतंकी संगठन और आईएसआई से जुड़े तत्वों की भूमिका भी सामने आई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए अलवर और बीकानेर में लगाए गए ऐसे कैमरों को हटवा दिया है। इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सूत्रों के अनुसार, इन कैमरों को सेना की छावनी और संवेदनशील क्षेत्रों के पास लगाया गया था, जहां से सेना की आवाजाही और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसका इस्तेमाल आतंकी साजिशों के लिए किया जा रहा था।
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बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हो सकता है। इससे पहले दिल्ली और पंजाब से भी इसी तरह के मामलों में 11 जासूसों और संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और इसके संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। देश के कई राज्यों में लगाए गए ऐसे सोलर कैमरों और डिजिटल डिवाइस से संवेदनशील डेटा बरामद हुआ है, जिसमें फोटो, वीडियो और लोकेशन की जानकारी शामिल है।
