राजस्थान का सवाई माधोपुर जिला एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। 18 जनवरी से यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो देश में अपनी तरह का पहला आयोजन है। इस महोत्सव के जरिए कृषि, व्यापार, पर्यटन और संस्कृति को एक मंच पर लाकर अमरूद आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 18 जनवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में होगा।
यह आयोजन सवाई माधोपुर को रणथंभौर के साथ-साथ अमरूद उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जिले में 20 हजार से अधिक किसान लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि पर अमरूद की खेती कर रहे हैं। यहां से सालाना करीब 4 लाख मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन होता है, जिससे लगभग 6 हजार करोड़ रुपये का कारोबार जुड़ा है। सवाई माधोपुर का अमरूद अपनी गुणवत्ता के कारण देश के कई राज्यों में लोकप्रिय है और निर्यात में भी इसकी बड़ी हिस्सेदारी है।
महोत्सव के दौरान 225 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां उन्नत अमरूद किस्मों के साथ जूस, पल्प, जैम, कैंडी जैसे प्रसंस्कृत उत्पाद, पौध नर्सरी, जैविक खेती, स्मार्ट फार्मिंग और हाईटेक बागवानी को प्रदर्शित किया जाएगा। कृषि यंत्रों और ड्रोन तकनीक के लाइव डेमो भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
आईसीएआर, सीआईपीएचईटी लुधियाना, सीआईएसएच लखनऊ और विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक किसानों से सीधे संवाद करेंगे। महोत्सव में उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने, गुणवत्ता सुधार और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही श्रेष्ठ अमरूद उत्पादकों को सम्मानित किया जाएगा।
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इसके अलावा बिजनेस नेटवर्किंग के जरिए किसानों को निर्यातकों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, एग्री-स्टार्टअप और एफपीओ से जोड़ा जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नेचर वॉक, खेल, दंगल, राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या, शोभायात्रा और मेगा म्यूजिकल नाइट भी आयोजित होंगी। बड़ी संख्या में किसानों और आगंतुकों की मौजूदगी से सवाई माधोपुर एक एग्री-बिजनेस हब के रूप में उभरने की उम्मीद है।

