मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़), पंजाब के अध्यक्ष राना सनाउल्लाह को राजनीतिक और सार्वजनिक मामलों का अपना सलाहकार नियुक्त किया.
इस ख़बर ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दिया है.
इसकी वजह यह है कि कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने विदेश मंत्री इसहाक़ डार को उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया था.
केंद्र सरकार में नज़र आने वाले बदलावों को ज़्यादा अहम इसलिए समझा जा रहा है क्योंकि राना सनाउल्लाह और इसहाक़ डार दोनों ही प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बड़े भाई नवाज़ शरीफ़ के नज़दीकी समझे जाते हैं.
- Advertisement -
राना सनाउल्लाह की गिनती नवाज़ लीग के उन वरिष्ठ नेताओं में होती है जो इस साल आम चुनाव में हारने के कारण राष्ट्रीय असेंबली तक नहीं पहुंच सके थे.
राना सनाउल्लाह और मियां जावेद लतीफ़ चुनाव के बाद नवाज़ लीग के अंदर से उठने वाली उन अवाज़ों में से थे जो अपनी ही पार्टी के मंत्रिमंडल से ख़ुश नहीं थे.
राना सनाउल्लाह कई बार गृह मंत्री मोहसिन नक़वी और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब की आलोचना करते हुए नज़र आए हैं.
एक अवसर पर मोहसिन नक़वी के बारे में बात करते हुए राना सनाउल्लाह ने कहा था, ”यह उनकी मेहरबानी है कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते और वित्त मंत्रालय पर ही संतोष कर रहे हैं. वह जो चाहे बन सकते हैं.”
ध्यान रहे कि यह दोनों किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं थे फिर भी न केवल उन्हें सीनेटर बनवाया गया बल्कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल किया गया.
