

सरसों और चना खरीद के टोकन पर संकट, किसान परेशान
बीकानेर। सरसों और चना की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीयन मंगलवार से शुरू हुआ, लेकिन अगले ही दिन बुधवार को पोर्टल पर पंजीयन अचानक बंद हो गया। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई और वे ई-मित्र केंद्रों के चक्कर काटते रहे। सरकार ने कुल अनुमानित उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदने के निर्देश दिए हैं, लेकिन टोकन प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक ही दिन में 32 हजार टोकन कैसे?
मंगलवार को शुरू हुए पंजीयन के बाद बुधवार को पोर्टल ने यह दिखाना शुरू कर दिया कि टोकन की सीमा पूरी हो गई है। किसानों का कहना है कि एक ही दिन में 32 हजार टोकन का पंजीयन संभव नहीं है। इससे आशंका जताई जा रही है कि पोर्टल में गड़बड़ी कर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इस समस्या से वे किसान अधिक प्रभावित हुए हैं, जो फसल कटाई में व्यस्त थे और पंजीयन नहीं कर सके।
मंडी में सक्रिय हुए व्यापारी
सरकारी खरीद प्रक्रिया में आई इस रुकावट का लाभ अब निजी व्यापारी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार में खुली बोली में चना और सरसों को समर्थन मूल्य से कम दाम पर खरीदा जा रहा है।
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40 क्विंटल प्रति किसान खरीद की सीमा
सरकार ने प्रति किसान अधिकतम 40 क्विंटल फसल खरीदने की सीमा तय की है। यदि खरीद लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो सरकार समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लेगी।
जिले में उत्पादन, टोकन और खरीद की स्थिति
फसल | कुल उत्पादन (क्विंटल) | 25% खरीद (क्विंटल) | जारी टोकन |
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सरसों | 35,74,530 | 8,93,632 | 22,340 |
चना | 19,23,130 | 4,80,782 | 12,019 |
(आंकड़े: कृषि विभाग के अनुसार)
जिले में 28 खरीद केंद्र
बीकानेर जिले में कुल 28 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें नोखा, बीकानेर 12 बीघा, गौण मंडी, लूणकरनसर, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, बज्जू, कांदरली, खाजूवाला, पूगल, छतरगढ़, नापासर सहित अन्य केंद्र शामिल हैं।
किसान संघ का आरोप
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष शंभूसिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि पंजीयन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर व्यापारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। संगठन ने इस मुद्दे की जानकारी अधिकारियों को भेजी है और मांग की है कि टोकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
मंडी में बढ़ी चना-सरसों की आवक
बीकानेर अनाज मंडी में चना और सरसों की आवक तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को काली सरसों के 15 हजार और पीली सरसों के 5 हजार थैले पहुंचे।

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सरकारी समर्थन मूल्य:
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काली सरसों – ₹6950 प्रति क्विंटल
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चना – ₹5650 प्रति क्विंटल
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मंडी भाव:
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काली सरसों – ₹5500 से ₹5800 प्रति क्विंटल
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पीली सरसों – ₹6500 से ₹8000 प्रति क्विंटल
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चना – ₹5500 से ₹5700 प्रति क्विंटल
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क्वालिटी अच्छी, भाव बेहतर
श्रीबीकानेर कच्ची आड़त व्यापार संघ के संरक्षक मोतीलाल सेठिया के अनुसार, इस बार चना और सरसों की गुणवत्ता अच्छी है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। यदि यह स्थिति अगले एक महीने तक बनी रहती है, तो किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा और सरकारी खरीद पर भी दबाव कम होगा।