जयपुर में निर्माणाधीन मकान की मिट्टी ढहने से तीन लोग दीवार के नीचे दब गए। इनमें से एक की मौत हो गई। वहीं, दोनों घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी मिल गई है। तीनों हौद की चिनाई के लिए गड्ढे में उतरे थे। घटना के बाद मृतक के भाई कैलाश बैरवा ने रविवार रात सांगानेर सदर थाने में मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। दोनों पर मना करने के बाद भी कार करवाने का आरोप लगाया।
ASI कल्याण प्रसाद ने बताया- हादसे में निवाई (टोंक) के रहने वाले बनवारी लाल बैरवा (29) की मौत हो गई। वह गोकुल वाटिका सांगानेर में अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। किराए से रहकर बनवारी कारीगरी का काम करता था।
ASI ने बताया- 20 अप्रैल को सुबह करीब 9 बजे बनवारी अपने दो साथी शिवकुमार और जीवराखन के साथ सीतापुरा स्थित निर्माणाधीन मकान की साइट पर गया था। सुबह करीब 10:30 बजे हौद की चिनाई करने के लिए तीनों गड्ढे में उतरे थे। चिनाई के दौरान अचानक मिट्टी ढहने से दीवार गिर गई। मलबे के नीचे तीनों दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। तीनों को इलाज के लिए तुरंत महात्मा गांधी हॉस्पिटल भिजवाया। डॉक्टर्स ने बनवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों साथी शिवकुमार और जीवराखन को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी।
लापरवाही के चलते हुए मौत
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मृतक के चचेरे भाई कैलाश बैरवा ने सांगानेर सदर थाने में मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। कैलाश का कहना है- बनवारी ने हौद के पास सटी दीवार को जर्जर देखकर मकान मालिक व ठेकेदार को बताया था। उसके बाद भी मकान मालिक और ठेकेदार ने एक भी नहीं सुनी। तीनों को काम करने के लिए हौद के गड्ढे में उतार दिया। कहा- तुम तो काम करो दीवार की जिम्मेदारी हमारी है। मकान मालिक और ठेकेदार की लापरवाही के चलते ही बनवारी की मौत हुई है। हादसे के बाद से मकान मालिक और ठेकेदार ने अपने-अपने मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर दिए है।

