बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में शनिवार को भू-धंसाव की एक गंभीर घटना सामने आई। रोड़ा रोड स्थित काना महाराज की खेड़ी में अचानक जमीन धंसने से बस्ती के बीच करीब 30 फीट चौड़ा और 35 फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
गनीमत रही कि जिस समय जमीन धंसी, उस वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि हादसे के दौरान कोई आसपास होता तो बड़ा नुकसान और जनहानि हो सकती थी। अचानक हुए भू-धंसाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
घटना के बाद आसपास बने मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जमीन धंसने का दायरा और बढ़ता है तो कई मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस कारण क्षेत्र के 100 से अधिक परिवार भय और अनिश्चितता के माहौल में जीवन गुजार रहे हैं।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है। कई परिवारों ने रातभर जागकर बिताई, क्योंकि उन्हें अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताती रही। लोगों का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक उनका डर कम नहीं होगा।
- Advertisement -
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। कार्यवाहक उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार चंद्रशेखर टांक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने खतरे की जद में आने वाले मकानों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में नोटिस जारी किए गए हैं तथा मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और भू-धंसाव के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे करवाकर भू-धंसाव के कारणों का पता लगाया जाए तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
