बीकानेर जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में हवाई हमले और ब्लैकआउट जैसी स्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा।
तैयारियों की समीक्षा बैठक
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में इस मॉक ड्रिल की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त कलेक्टर (नगर) रमेश देव ने की। अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास जिले के सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर किया जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
क्या-क्या होगा अभ्यास में
मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी, ब्लैकआउट, सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन), सर्च एंड रेस्क्यू और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा।
इसके अलावा वायुसेना और सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम के बीच समन्वय, हॉटलाइन और सायरन सिस्टम की कार्यक्षमता भी परखी जाएगी।
15 मिनट रहेगा ब्लैकआउट
अभ्यास के तहत चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 15 मिनट का ब्लैकआउट किया जाएगा, हालांकि आवश्यक सेवाएं इससे प्रभावित नहीं होंगी। सायरन के जरिए 2 मिनट तक रुक-रुक कर हवाई हमले की चेतावनी दी जाएगी, जबकि “ऑल क्लियर” का संकेत लगातार 2 मिनट तक बजेगा।
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कई विभागों की भागीदारी
इस मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस की 13 आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी, स्थानीय प्रशासन, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, स्काउट्स-गाइड्स, गृह रक्षा दल, राजस्थान पुलिस और स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। अभ्यास के दौरान करीब 20 घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान शांत रहें, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। यह अभ्यास केवल आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
