बीकानेर के प्रख्यात उद्योगपति और बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल को शुक्रवार को पूरे सम्मान और भावुक माहौल में अंतिम विदाई दी गई। 74 वर्षीय अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। बीकानेर में वे “फन्ना बाबू” के नाम से लोकप्रिय थे।
उनका अंतिम संस्कार सती माता मंदिर श्मशान घाट में किया गया, जहां उनके पुत्र दीपक अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में करीब 5 क्विंटल चंदन की लकड़ियों का उपयोग किया गया, जिससे माहौल और भी श्रद्धामय हो गया।
इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा सार्दुलगंज स्थित आवास से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई नत्थूसर गेट तक पहुंची। करीब 15 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और “फन्ना बाबू अमर रहे” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
गुरुवार रात उनका पार्थिव शरीर चार्टर विमान से बीकानेर लाया गया। शहर में शोक के चलते कई बाजार बंद रहे और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
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इस दौरान अशोक गहलोत, वैभव गहलोत, बीडी कल्ला, भंवर सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उन्हें दूरदर्शी, नवाचारी और रिश्तों को निभाने वाला व्यक्तित्व बताया।
शिवरतन अग्रवाल का जीवन संघर्ष, मेहनत और नवाचार का उदाहरण रहा। उन्होंने बीकाजी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और कारीगरों को रोजगार देकर समाज में विशेष योगदान दिया।
