बीकानेर सहित उत्तर पश्चिम रेलवे में रेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान 531 समपार फाटकों को इंटरलॉकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे ट्रेनों और सड़क यातायात के बीच समन्वय पहले से अधिक सुरक्षित और प्रभावी हुआ है।
आधुनिक तकनीकों से बढ़ी सुरक्षा
North Western Railway द्वारा इंटरलॉकिंग के साथ-साथ इमरजेंसी स्लाइड बूम (ESB), इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ELB) और रिमोट टर्मिनल यूनिट (RTU) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं। इन तकनीकों से फाटक संचालन अधिक विश्वसनीय बना है और दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पारंपरिक सिस्टम की जगह नए उपकरण
रेलवे द्वारा पारंपरिक मैकेनिकल लिफ्टिंग बैरियर (MLB) को हटाकर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ELB) लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 58 समपार फाटकों पर ELB सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही अब कुल 455 फाटक इस आधुनिक प्रणाली से लैस हो चुके हैं।
बीकानेर मंडल में भी विस्तार
मार्च 2026 में बीकानेर और जोधपुर मंडलों के 9 इंटरलॉक्ड फाटकों पर भी इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए हैं। बीकानेर मंडल के हनुमानगढ़ और लूनकरणसर क्षेत्र के फाटक भी इसमें शामिल हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
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जागरूकता अभियान भी जारी
रेलवे द्वारा तकनीकी सुधारों के साथ-साथ सड़क उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को समपार फाटकों पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए भविष्य में भी नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाया जाता रहेगा।
