बीकानेर की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी रामचन्द्र को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती पाराशर ने आरोपी को दो वर्ष के कारावास के साथ 3.40 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
मामला वर्ष 2017 का है, जब परिवादी राजेश पारख ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने निजी जरूरत के लिए उनसे दो लाख रुपये उधार लिए थे। पैसे लौटाने के लिए आरोपी ने 15 मई 2017 का एक चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद परिवादी ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान परिवादी ने चेक, बैंक मेमो और नोटिस सहित अहम साक्ष्य पेश किए। वहीं आरोपी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसका गलत इस्तेमाल किया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी के बचाव को खारिज कर दिया और माना कि चेक वास्तविक देनदारी के तहत जारी किया गया था। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी रखा गया है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता गगन कुमार सेठिया ने पैरवी की।
