

स्कूल वाहनों पर लगेगी लगाम, शिक्षा विभाग ने दिखाया सख्त रुख
प्रदेश में निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाते हुए स्कूल वाहनों के संचालन पर सख्ती शुरू कर दी है। लगातार सामने आ रहे हादसों और अनियमितताओं के बाद विभाग ने बाल वाहिनियों के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
हाल ही में विभिन्न जिलों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंसकर ले जाया जा रहा था या तेज रफ्तार में वाहन चलाए जा रहे थे। ऐसे मामलों को देखते हुए विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अब किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये नियम होंगे अनिवार्य:
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सभी स्कूल बसों का रंग सुनहरा पीला होगा और आगे-पीछे स्पष्ट रूप से “स्कूल बस” लिखा होना चाहिए।
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यदि बस, वैन, कैब या ऑटो अनुबंधित हैं तो उन पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” तथा “बाल वाहिनी” 150 मिमी चौड़ी सुनहरी पट्टी में अंकित होना अनिवार्य होगा।
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सभी वाहनों के पीछे स्कूल का नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए ताकि किसी आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके।
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बस के अंदर ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, पता, लाइसेंस नंबर, बैज नंबर, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर तथा वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित किया जाएगा।
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बाल वाहिनियों में कैमरे, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र और सुझाव पेटिका की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
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छोटे बच्चों को चढ़ाने-उतारने के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
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वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना और धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
शिक्षण संस्थानों को भेजे निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारियों एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को यह आदेश भेज दिए गए हैं। साथ ही सभी निजी स्कूल संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– डॉ. रामगोपाल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय)
ने कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और विभाग किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा। अब समय आ गया है कि स्कूल वाहन संचालन में जिम्मेदारी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।