

राजस्थान की जेलों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने 29 मार्च को एक आदेश जारी किया, जिसमें जेल कर्मियों को इनाम और पदोन्नति देने की घोषणा की गई है। इस आदेश के अनुसार, अगर कोई जेलकर्मी मोबाइल, सिम या नशे जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी डीजी जेल मुख्यालय को देता है और जांच में यह सही साबित होती है, तो उसे इनाम दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण सूचना देने वाले प्रहरी और मुख्य प्रहरियों को विशेष पदोन्नति भी दी जाएगी। इसके अलावा, जेलों में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मिली थी धमकी
हाल ही में बीकानेर और जयपुर जेल से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद्र बैरवा को धमकी मिलने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद जेलों में अवैध गतिविधियों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।
इस मामले में बीकानेर जेल के एक प्रहरी और दो कैदी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जयपुर जेल से छह आरोपी पकड़े गए। जांच में सामने आया कि कैदी मोबाइल का इस्तेमाल पीसीओ की तरह कर रहे थे और बाहरी दुनिया से संपर्क में थे।
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सरकार का नया फैसला क्यों अहम है
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अवैध गतिविधियों की जानकारी देने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा
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जेलों में मोबाइल और नशे की तस्करी पर सख्ती होगी
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पारदर्शिता और अनुशासन में सुधार आएगा
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अपराधियों पर जेल के भीतर सख्त निगरानी रखी जा सकेगी
इस फैसले से राजस्थान की जेलों में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।