

उदयपुर में पैंथर का आतंक: बच्ची का शिकार, क्षेत्र में फिर से दहशत
राजस्थान के उदयपुर जिले में पैंथर का आतंक एक बार फिर बढ़ गया है। वन विभाग ने हाल ही में दो आदमखोर पैंथर को पकड़ने में सफलता पाई थी, लेकिन अब एक तीसरे पैंथर की मौजूदगी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस बार, एक छह वर्षीय बच्ची को पैंथर ने अपना शिकार बना लिया।
गोगुंदा क्षेत्र में पैंथर का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन दिनों में तीन लोगों की मौत पैंथर के हमले के कारण हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग और सेना के जवान ड्रोन के माध्यम से पैंथर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। लगभग पांच दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दो पैंथर पिंजरे में कैद कर लिए गए।
हालांकि, यह माना जा रहा था कि इलाके में केवल एक ही आदमखोर पैंथर है, लेकिन दो पैंथर के पकड़ में आने से यह स्पष्ट हो गया कि यहाँ एक से अधिक पैंथर हैं। अब, तीसरे पैंथर की एंट्री ने एक बार फिर से स्थानीय निवासियों को चिंतित कर दिया है। हाल ही में, कुरदाऊ गांव में एक पैंथर ने छह साल की बच्ची सूरज को अपने शिकार के रूप में चुना। बताया गया है कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी जब पैंथर ने उसे उठाकर जंगल की ओर ले गया।
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ग्रामीणों ने जब बच्ची की तलाश शुरू की, तो उन्हें उसका कटा हुआ हाथ और कपड़ों के अवशेष मिले। यह सूचना मिलते ही गांव में एक बार फिर से दहशत का माहौल बन गया। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

19 सितंबर को पैंथर ने दो लोगों पर हमला किया, जिसमें दोनों की जान चली गई। इसके बाद, 20 सितंबर को पैंथर ने दो महिलाओं पर हमला किया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और दूसरी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पैंथर को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें दो पैंथर पकड़ में आए थे। लेकिन इसके बाद तीसरे पैंथर ने फिर से एक मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया।
पैंथर के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पहले की घटनाएं छाली ग्राम पंचायत के ऊंडिथल, बेवड़िया गांव, और मुख्य छाली गांव में हुई थीं, जिनमें एक 16 वर्षीय छात्रा, एक 45 वर्षीय व्यक्ति और एक 50 वर्षीय महिला की जान गई।
बच्ची की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़कों को जाम कर दिया और मुआवजे की मांग की। गोगुंदा एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता कर रहे हैं। ग्रामीण तेंदुए के हमलों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।