भारत में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी लगातार बढ़ रही है. सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है.
लेकिन इन सबके बीच अब विपक्ष ने चुनाव आयोग की मंशा पर भी सवाल उठा दिए हैं.
मामला है दो चरणों के मतदान के आँकड़ें जारी करने में हुई देरी
विपक्ष का तर्क है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. कई विपक्षी नेताओं को लगता है कि चुनाव आयोग का क़दम शक पैदा करता है.कांग्रेस ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के मतदान के अंतिम आंकड़े की जानकारी देने में देरी ‘अस्वीकार्य’ है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि अब जब आँकड़े जारी कर दिए गए हैं, उन्हें उम्मीद है कि चुनाव के बचे हुए चरणों में ऐसा नहीं होगा.
लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के मतदान के अंतिम आँकड़ों में देरी की विपक्षी दलों ने आलोचना की है.
19 अप्रैल को पहले चरण और 26 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के आख़िरी आँकड़े 30 अप्रैल को जारी किए गए थे, जबकि जानकारों के मुताबिक़ ये काम वोटिंग ख़त्म होने के 24 घंटों या फिर उससे कुछ समय बाद ही जारी हो जाता है.
विपक्ष आँकड़ों के जारी करने में देरी को लेकर शक जता रहा है.

