मशहूर उद्योगपति एलन मस्क चीन के दौरे पर हैं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरे का उद्देश्य चीन में टेस्ला कारों के ऑटो ड्राइविंग मोड को सक्षम करने पर चर्चा करना है.
मस्क चीन में फुल सेल्फ ड्राइविंग (एफएसडी) को सक्षम करना चाहते हैं और अपने एल्गोरिदम को प्रशिक्षित करने के लिए देश में जुटाए गए डेटा को विदेश में ट्रांसफर कराना चाहते हैं. ताकी एल्गोरिदम ट्रेनिंग के साथ तैयार हो पाएं
फुल सेल्फ ड्राइविंग मोड अमेरिका में चल रही है लेकिन इसे चीन में लाया नहीं जा सका है.
ये ऐसे समय हो रहा है जब बीते दिनों अमेरिका में एक रिपोर्ट सामने आयी है कि टेस्ला के ऑटोनॉमस ड्राइविंग मोड से 13 दुर्घटनाएं हुईं हैं जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गयी.
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चीन के मीडिया के अनुसार चीनी प्रीमियर ली कियांग के साथ एक बैठक के दौरान मस्क ने कहा कि वह चीन के साथ सहयोग बढ़ाना चाहते हैं और ऐसा करना दोनों देशों के लिए “बेहतर परिणाम” लाएगा.
रिपोर्ट के अनुसार, ली ने मस्क से कहा कि चीनी बाज़ार हमेशा ‘विदेशी कंपनियों के लिए खुले रहेंगे.’
टेस्ला के लिए चीन पहुंचे हैं मस्क?
टेस्ला का चीन दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार
इमेज कैप्शन,टेस्ला का चीन दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है
चीन टेस्ला का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है. अन्य कार निर्माता जैसे एक्सपेंग, जिसका मुख्यालय गुआंगज़ो में है, वह अपनी कारों में टेस्ला की तरह ही सेल्फ-ड्राइविंग फ़ंक्शन पेश करके टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रहा है.
रविवार को मस्क ने चीन की कार कंपनियों को ‘दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी कार कंपनी बताया है.’
टेस्ला ने देश में एफएसडी के रोलआउट के बारे में चीनी अधिकारियों को आश्वस्त करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें स्थानीय कानूनों के अनुसार चीनी उपभोक्ताओं के बारे में डेटा प्रॉसेस करने के लिए शंघाई में एक डेटा सेंटर स्थापित करना भी शामिल है.
मस्क की ये यात्रा अमेरिका के नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) के उस बयान के कुछ दिनों बाद हो रही है, जिसमें कहा गया था कि वह इस बात की जांच कर रहा है कि क्या टेस्ला के ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम की सुरक्षा चिंताओं को ठीक से एड्रेस किया गया है या नहीं.
मस्क का भारत दौरा क्यों हुआ स्थगित?
दरअसल ख़बर थी कि अप्रैल में एलन मस्क भारत आ सकते हैं और यहां ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) बनाने के उद्योग में निवेश का एलान कर सकते हैं.
मडिया रिपोर्ट में लिखा गया था कि मस्क चीन में दबाव का सामना कर रहे हैं क्योंकि वहां की स्थानीय कंपनियों ने टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है और फिर वहां मांग में भी कमी आई है. ऐसे में वो भारत में संभावनाएं तलाश रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया था कि मस्क को उम्मीद है कि उनका खुली बांहों से स्वागत किया जाएगा, ऐसे में टेस्ला के लिए भारत उतनी ही अहमियत रखता है जितनी अहमियत भारत के लिए इलेक्ट्रिक वाहन रखते हैं.
हालांकि 20 अप्रैल को उन्होंने एक्स पर बताया कि उनका भारत दौरा स्थगित हो रहा है और वो इस साल के अंत तक भारत आएंगे.

