खबर21 इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के चुनाव आयोग, कुछ राजनीतिक दलों और ‘संस्थान’ ने देश में ईवीएम लाने की योजना को बर्बाद कर दिया।
इमरान ने कहा कि आम चुनाव में जनता के जनादेश को चुराने वालों पर देशद्रोह के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। इमरान ने अमेरिका में आईएमएफ के दफ्तर के बाहर हुए प्रदर्शनों का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने इसमें पाकिस्तानी सेना के विरोध में लगे नारेबाजी से खुद को दूर कर लिया।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए इमरान ने कहा कि मुश्किल में पड़ी इकोनॉमी को संभालना मौजूदा सरकार के लिए नामुमकिन है। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनकी पार्टी ने देश को आर्थिक संकट में छोड़ा। इमरान खान ने कहा कि 2018 में जब पीएमएल-एन सरकार से गई तब व्यापार घाटा 20 अरब डॉलर पहुंच चुका था और हमारे पास आईएमएफ के पास जाने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था।

