

नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2025 से आयकर नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे और टैक्स स्लैब, छूट की सीमा, टीडीएस नियमों सहित कई क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे।
मुख्य बदलाव:
1️⃣ धारा 87A के तहत छूट:
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नई कर व्यवस्था में टैक्स छूट की सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹60,000 कर दी जाएगी।
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यह छूट ₹12 लाख तक की कर योग्य आय पर लागू होगी (पूंजीगत लाभ को छोड़कर)।
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₹75,000 की मानक कटौती जोड़ने पर यह सीमा ₹12.75 लाख तक पहुँच जाएगी।
2️⃣ टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव:
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कर-मुक्त आय की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख कर दी गई है।
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₹24 लाख से अधिक आय पर 30% की उच्चतम कर दर लागू होगी।
3️⃣ TDS नियमों में संशोधन:
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बैंक जमा पर टीडीएस की सीमा ₹40,000 से बढ़कर ₹50,000 कर दी गई है।
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अन्य टीडीएस/टीसीएस नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।
4️⃣ कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में बदलाव:
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नियोक्ता द्वारा दिए गए कुछ लाभ अब कर योग्य नहीं माने जाएंगे।
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विदेश में चिकित्सा उपचार के लिए किए गए खर्च को भी अब कर-मुक्त किया जाएगा।
5️⃣ NPS वात्सल्य योजना में निवेश:
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अब करदाता अपने बच्चों के एनपीएस वात्सल्य खाते में निवेश कर सकते हैं।
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पुरानी कर व्यवस्था के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा।
6️⃣ दो संपत्तियों पर कर में छूट:
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अब करदाता अधिकतम दो संपत्तियों के लिए शून्य मूल्य का दावा कर सकते हैं।
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यह सुविधा उनके स्वयं के उपयोग की संपत्तियों पर लागू होगी।
निष्कर्ष:
इन बदलावों से करदाताओं को कुछ मामलों में राहत मिलेगी, जबकि कुछ नियम टैक्स बोझ बढ़ा सकते हैं। टैक्स प्लानिंग में इन नए नियमों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।