

नई दिल्ली। ATM से कैश निकालने पर ग्राहकों को अब ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को ATM ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ाने का ऐलान किया।
नए शुल्क 1 मई से लागू होंगे:
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मंथली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पार करने पर हर निकासी पर 2 रुपए अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
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पहले 21 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन की दर से शुल्क लिया जाता था, जो अब 23 रुपए होगा।
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ATM इंटरचेंज फीस 17 रुपए से बढ़कर 19 रुपए हो गई है।
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बैलेंस चेक करने और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी महंगे:
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बैलेंस चेक करने के लिए 6 रुपए की जगह अब 7 रुपए शुल्क देना होगा।
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अन्य गैर-वित्तीय लेनदेन पर भी शुल्क में 1 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
ATM से कितने फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं?
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मेट्रो सिटी: हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन।
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नॉन-मेट्रो सिटी: हर महीने 3 फ्री ट्रांजैक्शन।
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इसके बाद अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा।
ATM इंटरचेंज फीस क्या है?
ATM इंटरचेंज फीस वह शुल्क है जो एक बैंक, अपने ATM का उपयोग करने वाले अन्य बैंकों के ग्राहकों से लेता है। यह आमतौर पर हर ट्रांजैक्शन पर एक फिक्स्ड अमाउंट होता है।
ATM चार्ज बढ़ाने की वजह:
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ATM ऑपरेटरों की मांग पर RBI ने शुल्क में वृद्धि की।
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बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के कारण यह फैसला लिया गया।
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छोटे बैंकों के ग्राहक इससे अधिक प्रभावित होंगे।
डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ने से ATM उपयोग घटा:
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UPI और डिजिटल वॉलेट्स के बढ़ते उपयोग से नकद निकासी की आवश्यकता घटी है।
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FY14 में डिजिटल पेमेंट्स का कुल मूल्य ₹952 लाख करोड़ था, जो FY23 तक ₹3,658 लाख करोड़ हो गया।
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भारत तेजी से कैशलेस ट्रांजैक्शन की ओर बढ़ रहा है।
नए शुल्क 1 मई 2025 से पूरे देश में लागू होंगे।