

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो बिजयनगर पहुंचे और स्कूली छात्राओं के ब्लैकमेल व धर्मांतरण के गंभीर मामले की जांच की। उन्होंने पीड़ित बच्चियों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली और अब तक की गई कार्रवाई का फीडबैक लिया।
प्रियंक कानूनगो ने बताया कि अभी तक पीड़िताओं को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता नहीं दी गई, जबकि उन्हें तुरंत राहत मिलनी चाहिए थी। इस पर पुलिस प्रशासन ने प्रत्येक पीड़िता को 20-20 हजार रुपये देने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में कुछ और आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिन पर जल्द ही कार्रवाई होगी और अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
आयोग ने पीड़िताओं की पढ़ाई जारी रखने के दिए निर्देश
बैठक में पीड़ितों और उनके परिजनों से भी बातचीत की गई, जिसमें छात्राओं की पढ़ाई दोबारा शुरू करवाने को प्राथमिकता दी गई। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रियांक कानूनगो ने कहा कि दलित पीड़ित छात्राओं को कानून के तहत आर्थिक मदद मिलनी चाहिए थी, जो अब तक नहीं मिली। इसे लेकर उन्होंने तुरंत राहत राशि जारी करने के निर्देश दिए। मामले में शामिल नाबालिग आरोपियों के खिलाफ वयस्कों की तरह ट्रायल किए जाने की बात भी कही गई। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जूनाइल जस्टिस बोर्ड में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू छात्राओं को बनाया गया था निशाना
प्रियंक कानूनगो ने यह भी कहा कि जांच में सभी आरोपी एक ही धर्म के निकले, जबकि पीड़ित बच्चियां हिंदू समुदाय से संबंधित थीं। उन्होंने इस घटना को “ग्रूमिंग विंग” का हिस्सा बताया, जो सुनियोजित तरीके से लड़कियों को निशाना बनाता है। आयोग सदस्य ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई पर संतुष्टि जाहिर की। लेकिन आगे की जांच में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
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मानवाधिकार आयोग की नजर बनी रहेगी
आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने पुलिस के साथ कुछ गोपनीय जानकारी साझा की और मामले में जल्द न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सामाजिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, इसलिए आयोग की टीम इस पर नजर बनाए रखेगी। इस मामले में पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। वहीं, पीड़ितों के परिवारों ने तत्काल न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
नए आरोपियों के नाम आए सामने
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अंजली शर्मा ने बताया कि पीड़ित छात्राओं की पहले भी काउंसलिंग की गई थी और आज भी उनसे बातचीत की गई। इस दौरान पीड़िताओं ने कुछ नए आरोपियों के नाम बताए, जिनकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस को शक है कि यह एक सुनियोजित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो लड़कियों को ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहा था।