

नई दिल्ली। भारत में सड़क यात्रा रोमांचक और अद्वितीय अनुभव प्रदान करती है। बढ़ते टोल प्लाजा और हाईवे के निर्माण ने यात्रा को तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित बना दिया है। हालांकि, टोल प्लाजा पर यात्रा करते समय FASTag का उपयोग और इससे जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। ये नियम न केवल टोल भुगतान को आसान बनाते हैं, बल्कि अनावश्यक खर्चों से भी बचाते हैं।
टोल प्लाजा का उद्देश्य:
टोल प्लाजा का मुख्य उद्देश्य सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए धन जुटाना है। यह सुनिश्चित करता है कि यात्री बेहतर और सुरक्षित सड़कों का लाभ उठा सकें।
FASTag का महत्व:
FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो टोल भुगतान को तेज और संपर्क रहित बनाता है। यह वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य है, लेकिन इसके साथ जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं।
FASTag से जुड़े महत्वपूर्ण नियम:
1. 10 सेकंड का नियम:
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निर्देशों के अनुसार, यदि टोल बूथ पर किसी वाहन को 10 सेकंड से अधिक इंतजार करना पड़ता है, तो वाहन को टोल भुगतान किए बिना जाने दिया जाना चाहिए।
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2. 100 मीटर का नियम:
NHAI के एक और निर्देश के तहत, टोल बूथ पर वेटिंग लाइन 100 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। वेटिंग लाइन को मापने के लिए टोल लेन में पीली लाइन मार्कर लगाए गए हैं। अगर वेटिंग लाइन 100 मीटर से ज्यादा होती है, तो कतार में खड़े वाहनों से टोल टैक्स वसूलना अवैध है।
क्या करें यदि नियमों का उल्लंघन हो:
- यदि टोल प्लाजा पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो आप टोल-फ्री नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- यह सेवा यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू की गई है।
यात्रा को बनाएं सुगम:
FASTag और टोल नियमों की जानकारी न केवल आपकी यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि आपको अनावश्यक परेशानियों से भी बचाएगी। सुनिश्चित करें कि आप इन नियमों का लाभ उठाएं और अपनी सड़क यात्रा का आनंद लें।