अमेरिका के सेंट लुइस स्थित वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले जे सुशील बेहद दुखी हैं.
फरवरी में उनके साथी छात्र अमरनाथ घोष की मौत हो गई थी.
34 साल के अमरनाथ क्लासिकल डांसर थे. उनकी मौत से सुशील अब भी उबर नहीं पाए हैं. स्थानीय पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है,
सुशील का कहना है कि अमरनाथ की मौत की जानकारी मुझे यूनिवर्सिटी के बजाय भारत में रहने वाले एक दोस्त से पहले मिली.
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“उन्होंने हमें दो दिन के बाद बताया. यहां छात्र इस तरह की प्रतिक्रिया से खुश नहीं हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि किसी को इस बात की परवाह नहीं है कि भारतीय कैसा महसूस करते हैं.”
दूतावास से संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा समय-समय पर ऑनलाइन और इन-पर्सन सेशन भी रखे जाते हैं.
प्रथम मेहता, जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इंडिया क्लब के प्रेसिडेंट हैं.
प्रथम कहते हैं कि वो बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों तक पहुंच गए हैं. कैंपस में कई तरह की थेरेपी सर्विसेज हैं. साथ ही क्लब ऐसे छात्रों को भारतीय दूतावास तक संपर्क करने में मदद करता है जो असुरक्षित महसूस करते हैं.
वे कहते हैं, “सीएसयू एक ऐसा ऐप सर्विस देता है जिससे छात्र, पुलिस डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकते हैं, इसके जरिए कैंपस और आसपास के इलाकों में जहां छात्र रहते हैं वहां तक मुफ़्त सेफ्टी एस्कॉर्ट सर्विस भी दी जाती है.”
भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने फरवरी में कहा था, “हम भारतीयों को ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिका पढ़ने और रहने के लिए सुरक्षित और शानदार जगह है.”
लेकिन हाल ही में हुई मौतों ने इस मुद्दे की तरफ़ ध्यान खींचा है.
एजुकेशन एक्सपर्ट भंडारी कहती हैं, ”अमेरिकी यूनिवर्सिटीज ये जानती हैं कि भारतीय छात्रों में विदेश में पढ़ने को लेकर भारी भूख है जो बढ़ती जा रही है.”
वो कहती हैं, ”लेकिन ये भी साफ़ है कि सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं.”
अनिश्चितताओं के बावजूद, छात्रों के लिए अमेरिका एक पसंदीदा जगह बना हुआ है.
जयपुर के रहने वाले स्वराज जैन इस साल अगस्त में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी जाने वाले हैं. वो बेहद उत्साहित हैं और उन्हें चुनौतियों का अंदाजा भी है.
वो कहते हैं, ”हर कोई हिंसा और अपराध के बारे में बात करता है, मुझे सतर्क रहना होगा.

