अब चीन ने इकोनॉमी की रफ्तार को इसी तेजी से बनाए रखने का प्लान बनाया है और इसके लिए पुरानी कारें, पुराने फ्रिज और पुरानी वॉशिंग मशीनों को खोजने में लगा हुआ है. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इकोनॉमी से इन पुराने सामानों का क्या कनेक्शन हैं, तो चलिए बताते हैं आखिर ड्रैगन ने इकोनॉमी को बचाने के लिए कौन सा नया फॉर्मूला बनाया है.
ढहती इकोनॉमी को ट्रेड-इन का बूस्टर
चीन अपनी ढहती जा रही इकोनॉमी को बचाने के लिए और इसे बढ़ावा देने के लिए दरअसल नए फॉर्मूले पर जोर दे रहा है.
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इसके तहत ड्रैगन अब देश के औद्योगिक और घरेलू उपकरणों के स्टॉक को अपग्रेड करने, प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी कारों, मशीनों और सामानों को वापस लेने, उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने के साथ ही अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ट्रेड-इन योजना पर भरोसा कर रहा है. यूज्ड उपकरणों को अपग्रेड करना, उपभोक्ता वस्तओं के टेड-दन कार्यक्रम में शामिल कंपनियों को मजबूत वित्तपोषण देगा, जो घरेलू मांग में इजाफा करने का चीन का नया प्रयास है.
इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए ट्रेड-इन योजना को चार महीने पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आगे बढ़ाया था. इसका उद्देश्य घरों और व्यवसायों को अपनी पुरानी मशीनरी को अपग्रेड करने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है. चीन का मानना है कि प्रोत्साहन योजनाओं और लोगों को स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने से इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेड-इन्स में ग्रोथ को गति देने की क्षमता है.

