मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इस बीच क्षेत्र की एक बड़ी ताकत ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुली चेतावनी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
जमीनी हमले की आशंका से बढ़ा तनाव
देश के शीर्ष नेता Mohammad Bagher Ghalibaf ने आरोप लगाया है कि एक तरफ जहां बातचीत और कूटनीति की बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर गुप्त रूप से जमीनी हमले की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मन की रणनीति दोहरी है—सार्वजनिक रूप से शांति का संदेश और अंदरखाने सैन्य कार्रवाई की योजना।
सैनिकों को दिया स्पष्ट संदेश
ग़ालिबफ़ ने अपने बयान में कहा कि उनके देश के सैनिक पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि जमीनी कार्रवाई होती है, तो इसका जवाब इतना सख्त होगा कि विरोधी ताकतों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कूटनीति पर उठाए सवाल
नेतृत्व ने मौजूदा कूटनीतिक प्रयासों को भी संदेह के घेरे में रखा है। उनका कहना है कि शांति वार्ता के नाम पर समय लिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में सैन्य तैयारी जारी है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
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संघर्ष का वैश्विक असर
इस पूरे टकराव का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ने से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है और कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है।
एकजुटता की अपील
ग़ालिबफ़ ने अपने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समय धैर्य और एकता का है, और देश की सुरक्षा के लिए हर नागरिक को साथ खड़ा रहना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सैन्य ताकत किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
कौन हैं मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़
Mohammad Bagher Ghalibaf ईरान के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। राजनीति में आने से पहले वे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) में वायु सेना के कमांडर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों में भी अहम पदों पर काम किया है। तेहरान के मेयर रहने के बाद वह संसद में पहुंचे और वर्तमान में स्पीकर के पद पर हैं।

