बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के आरोपों के बीच युवक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों के विरोध के बाद मामले की जांच के लिए नई कमेटी गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार सुभाषपुरा निवासी 20 वर्षीय युवक को दो दिन पहले पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर परिजन पीबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने मरीज को एक विभाग से दूसरे विभाग भेजते हुए कभी आर्य अस्पताल तो कभी ट्रोमा सेंटर जाने की सलाह दी। इस दौरान युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले को लेकर शनिवार को श्याम सिंह हाडला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया से मुलाकात की और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पहले गठित की गई जांच कमेटी में डॉ. आर्या को शामिल किया गया था, जिस पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद प्रशासन से बातचीत कर उस कमेटी को बदलने और वरिष्ठ डॉक्टरों की नई जांच कमेटी गठित करने की मांग की गई।
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बताया गया कि नई कमेटी में वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ जिला प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल करने की बात कही गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे इस मामले को उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शहर के किसी भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहना समाज की जिम्मेदारी है।

