लूणकरणसर। थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने ही रिश्तेदारों पर विश्वास में लेकर रखवाए गए जेवरात और नकदी लौटाने से इंकार करने तथा धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्माण कार्य के दौरान सौंपे थे जेवर
कुम्भाना बास राजपुरिया फांटा निवासी सुनीता पत्नी रमेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। घर में कामगारों की आवाजाही के चलते कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। इसी वजह से उन्होंने 23 दिसंबर 2025 को अपने और अपनी बेटी के जेवरात तथा करीब 50 हजार रुपये नकद अपने रिश्तेदारों प्रेम, उसके पति राकेश, संतरी और अजय को सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिए।
लौटाने में टालमटोल, पंचायत भी बेअसर
पीड़िता का आरोप है कि कुछ समय बाद जब उन्होंने अपना सामान वापस मांगा तो आरोपित लगातार बहाने बनाते रहे। इस मामले को लेकर कई बार समझाइश और पंच-पंचायत भी हुई। पंचायत में आरोपितों ने सामान लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन लगभग 45 दिन बीत जाने के बाद भी न तो जेवर वापस किए गए और न ही नकदी लौटाई गई।
बेचने या खुर्द-बुर्द करने की आशंका
सुनीता ने आशंका जताई है कि आरोपितों ने आपसी मिलीभगत से जेवर और नकदी बेच दी या उनका दुरुपयोग कर लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोबारा सामान की मांग करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
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पुलिस ने मामले में रमेश, अजय, प्रेम, संतरी, पवन, राजू और सोना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

