बीकानेर के सदर पुलिस थाने में तैनात तीन कांस्टेबलों के अचानक ग्रामीण इलाकों में तबादले ने पुलिस महकमे और शहर में चर्चाओं को हवा दे दी है। एसपी कावेन्द्र सिंह सागर द्वारा जारी आदेश में कांस्टेबल अभिषेक, बाबूसिंह और रामरख को क्रमशः बज्जू, दंतौर और छत्तरगढ़ थानों में पदस्थ किया गया है।
यह तबादला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही सदर थाना पुलिस ने भुट्टों का बास निवासी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रसीद उर्फ लाला के घर दबिश देकर 5.29 ग्राम एमडी ड्रग्स और करीब 17 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसी कार्रवाई के बाद तीनों कांस्टेबलों का ट्रांसफर होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन तबादलों के पीछे शिकायतों की भूमिका मानी जा रही है। हालांकि अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि तीनों को सदर थाने से हटाना तय था। उन्हें पुलिस लाइन भेजने के बजाय सीधे ग्रामीण थानों में भेजा गया, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
गौरतलब है कि भुट्टों का बास, सुभाषपुरा और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं। पुलिस द्वारा यहां कई बार दबिश देकर मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
- Advertisement -
इस पूरे मामले में भाजपा नेता भगवान सिंह मेड़तिया पहले ही पुलिस की संभावित मिलीभगत के आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि नशे के नेटवर्क में शामिल पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल तीनों कांस्टेबलों का तबादला प्रशासनिक कार्रवाई बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे के वास्तविक कारणों को लेकर सवाल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

