बीकानेर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में एडीएम प्रशासन सुरेश कुमार यादव ने अवैध रोड कट, ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जाए। एडीएम प्रशासन ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनएचएआई अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जैसलमेर रोड पर करमीसर फांटे से एमजीएसयू तक और नाल ओवरब्रिज से नाल एयरपोर्ट तक पहले ही स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। वहीं एमजीएसयू से नाल ओवरब्रिज तक सड़क लाइट लगाने का प्रस्ताव जल्द भेजा जाएगा। एडीएम ने बताया कि यह क्षेत्र अब बीडीए के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में आ चुका है, इसलिए प्रस्ताव को प्राथमिकता से स्वीकृत कर कार्य पूर्ण कराया जाए।
इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (IRAD) को लेकर डीआरएम महेश शर्मा ने बताया कि पेंडेंसी में लगातार कमी आ रही है। पीडब्ल्यूडी एनएच ने अपनी पेंडेंसी शून्य कर दी है, जबकि पीडब्ल्यूडी की केवल 9 प्रविष्टियां शेष हैं। हालांकि पुलिस की 302 और आरटीओ की 145 पेंडेंसी अभी भी लंबित हैं। एडीएम प्रशासन ने संबंधित विभागों को सात दिन के भीतर सभी प्रविष्टियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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बैठक में पीडब्ल्यूडी एनएच अधिकारियों ने बताया कि डूंगरगढ़ और सेरूणा क्षेत्र में दुर्घटनाओं को देखते हुए कुछ रोड कट बंद किए गए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन्हें दोबारा खोल दिया गया। इस पर एडीएम प्रशासन ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी अवैध रोड कट तुरंत बंद किए जाएं और यदि कोई व्यक्ति दोबारा कट खोलता है तो संबंधित थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
ट्रैफिक इंचार्ज नरेश निर्वाण ने अंबेडकर सर्किल पर सड़क निर्माण के बावजूद गड्ढे होने और सड़क के मोटरेबल नहीं होने की समस्या रखी। इस पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा जयपुर रोड से श्रीडूंगरगढ़ तक एनएच से जुड़ने वाली सभी कनेक्टिंग सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाने की जानकारी भी दी गई। चिकित्सा विभाग ने बताया कि टोल प्लाजा पर लगाए गए नेत्र जांच शिविरों में नवंबर माह में 232 वाहन चालकों की आंखों की जांच कर 58 को चश्मे वितरित किए गए, जबकि दिसंबर में 344 चालकों की जांच कर 31 को चश्मे दिए गए।

