मन की बात के 130वें एपिसोड में विविध विषयों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उल्लेख से की और लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका को अहम बताया।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर लोकतंत्र की ताकत का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 जनवरी का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। उन्होंने मतदाताओं को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की यात्रा
पीएम मोदी ने स्टार्टअप इंडिया पहल की चर्चा करते हुए कहा कि यह यात्रा दस वर्ष पहले शुरू हुई थी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में गुणवत्ता और नवाचार को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि देश का भविष्य नए विचारों और स्टार्टअप संस्कृति से मजबूत होगा।
भजन क्लबिंग और भक्ति की नई अभिव्यक्ति
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में उभर रहे भजन क्लबिंग जैसे सांस्कृतिक ट्रेंड का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि आधुनिक प्रस्तुति के बावजूद भक्ति की गरिमा और शब्दों की मर्यादा बनी हुई है।
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पर्यावरण संरक्षण के प्रेरक उदाहरण
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनर्जीवन का उदाहरण दिया, जहां स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयास से नदी को प्रदूषण से मुक्त किया। इसके अलावा उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर के युवाओं का जिक्र किया, जो सफाई अभियान के तहत अब तक करीब 11 लाख किलो कचरा साफ कर चुके हैं।
परिवार व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता
प्रधानमंत्री ने परिवार व्यवस्था की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि परिवार से मिलने वाली ताकत से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के शेखगुंड गांव का उदाहरण दिया, जहां युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर नशे की समस्या को खत्म करने में सफलता पाई।
महिला किसान और श्रीअन्न से आत्मनिर्भरता
मन की बात में तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले की महिला किसानों की सराहना की गई, जहां मिलेट्स प्रोसेसिंग के जरिए महिलाएं सीधे बाजार से जुड़ रही हैं। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के रामसर के किसानों का भी उल्लेख किया, जो बाजरे से बने उत्पादों के जरिए नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने खुशी जताई कि अब कई मंदिरों के प्रसाद में भी श्रीअन्न का उपयोग हो रहा है।
सामाजिक भागीदारी की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे ऐसे प्रयास भारत की सामूहिक शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने नागरिकों से इन पहलों से प्रेरणा लेकर समाज और पर्यावरण के लिए योगदान देने की अपील की।

