बीकानेर सहित राजस्थान के 12 जिलों को पेयजल और सिंचाई की आपूर्ति करने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में एक बार फिर संकट के हालात बन गए हैं। पंजाब की ओर से हरिके हैड से पानी की मात्रा कम किए जाने के बाद नहर का रेग्यूलेशन प्रभावित हो गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पंजाब ने कॉमन बैंक की सुरक्षा का हवाला देते हुए एहतियातन नहर में पानी की कटौती की है। इसके चलते राजस्थान में आइजीएनपी का निर्धारित रेग्यूलेशन बिगड़ने लगा है। यदि जल्द पानी की मात्रा नहीं बढ़ाई गई, तो वरीयता वाली नहरों के प्रभावित होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
जल संसाधन विभाग, हनुमानगढ़ द्वारा 21 जनवरी से आइजीएनपी में तीन में एक समूह का रेग्यूलेशन लागू किया गया है, जो बीबीएमबी के तय शेयर के अनुसार 13 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इस व्यवस्था के तहत किसानों को अब 25 दिन के अंतराल में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, जबकि पहले चार में से दो समूह के रेग्यूलेशन में 17 दिन में पानी मिल रहा था।
पानी की कटौती से नया संकट
फिरोजपुर फीडर में बंदी के कारण पंजाब ने इंदिरा गांधी फीडर में भी पानी कम कर दिया है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुनील कटारिया और अधीक्षण अभियंता रामाकिशन के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम हरिके हैड पहुंची और पंजाब के अधिकारियों से पानी बढ़ाने को लेकर बातचीत की।
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7850 क्यूसेक की जरूरत, मिल रहा 6700
अधीक्षण अभियंता रामाकिशन के अनुसार, तीन में एक समूह के रेग्यूलेशन के लिए 7850 क्यूसेक पानी की आवश्यकता है, लेकिन फिलहाल हरिके हैड से केवल 6700 से 6800 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। यदि पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ी, तो रेग्यूलेशन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। विभाग लगातार पंजाब से समन्वय कर स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना से बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर सहित प्रदेश के कुल 12 जिलों को जलापूर्ति की जाती है।

