अमरावती। महाराष्ट्र के अचलपुर नगर परिषद में भाजपा और AIMIM के बीच गठबंधन की खबरों ने राजनीतिक हलचल मचा दी। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने तत्काल संज्ञान लिया और नगराध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा।
क्या है विवाद?
अचलपुर नगर परिषद की विषय समितियों के अध्यक्ष पद के चुनाव में AIMIM के पार्षद को शिक्षा एवं खेल समिति का सभापति चुना गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हुई कि भाजपा, AIMIM, एनसीपी के अजित पवार गुट और कुछ निर्दलीय पार्षदों ने मिलकर सत्ता का बंटवारा किया।
चूंकि भाजपा और AIMIM की विचारधाराएं बिलकुल विपरीत हैं, इसलिए इस गठबंधन की खबरें पूरे महाराष्ट्र में सुर्खियों में आ गईं।
भाजपा का स्पष्ट खंडन
भाजपा की नगराध्यक्ष रूपाली अभय माथने ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि पार्टी ने AIMIM के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा एक हिंदुत्ववादी पार्टी है और AIMIM हिंदू विरोधी पार्टी होने के कारण भाजपा कभी भी उसके साथ गठबंधन नहीं करेगी।
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चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कहा, “अचलपुर में भाजपा अल्पमत में है। हमारे पास केवल 9 पार्षद हैं, जबकि अन्य दलों के पार्षदों की संख्या अधिक है। भाजपा के गुट में AIMIM या कांग्रेस शामिल नहीं हैं और भविष्य में भी नहीं होंगे।”
नगर परिषद का सियासी गणित
नगराध्यक्ष माथने ने बताया कि अचलपुर नगर परिषद में AIMIM का कोई आधिकारिक गुट नहीं है। परिषद में कांग्रेस के 15 पार्षद हैं, जिन्होंने 21 जनवरी को हुए विषय समिति चुनावों में भाग नहीं लिया।
नगर परिषद में कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। वर्तमान में कांग्रेस गठबंधन, अचलपुर विकास गठबंधन, अचलपुर परतवाडा विकास गठबंधन और भाजपा का अलग गुट सक्रिय हैं।
पूर्व उदाहरण
इससे पहले अकोला के अकोट नगर परिषद में भी भाजपा-एमआईएम के गठबंधन की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद भाजपा ने एमआईएम से दूरी बना ली थी। अचलपुर में भी वैसी ही स्थिति बनने पर भाजपा ने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू किया।

