कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर मुक्ति’ के तहत अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े चीनी नेटवर्क का खुलासा किया है, जो कम्बोडिया से संचालित हो रहा था। इस अभियान का नेतृत्व उप महानिरीक्षक सह जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने किया। कार्रवाई में 15 थानों की 25 से अधिक टीमें और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने मुख्य दलाल सुरेश सेन (रामनगर, बानसूर) सहित कुल 26 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि गिरोह युवकों को वियतनाम और थाईलैंड के रास्ते कम्बोडिया भेजता था, जहां उन्हें करीब 15 दिनों तक साइबर फ्रॉड की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। बानसूर क्षेत्र से ही 50 से अधिक युवकों को विदेश भेजे जाने की पुष्टि हुई है। प्रशिक्षण के बाद ये युवक डिजिटल अरेस्ट, नकली ट्रेडिंग ऐप, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठगते थे।
गिरोह खुद को सीबीआई, पुलिस, ईडी या कस्टम अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराता था। साथ ही टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर निवेश के नाम पर ठगी की जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कम्बोडिया के फर्जी कॉल सेंटरों में भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के करीब 1000 से 1500 युवक काम कर रहे थे, जिन्हें तय वेतन के साथ इंसेंटिव भी दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। इस पूरे ऑपरेशन में साइबर सेल प्रभारी संदीप कुमार यादव की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर दिए जा रहे ऑफर्स की पूरी जांच करें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

