राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2026 का विस्तृत परिणाम जारी कर दिया है, जिसने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आम धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। 200 अंकों की इस परीक्षा में कुछ श्रेणियों में कटऑफ शून्य या बेहद नगण्य अंक रहने के कारण बहुत कम स्कोर करने वाले अभ्यर्थियों के चयन का रास्ता खुल गया है।
बोर्ड द्वारा जारी वरीयता सूची में दस से अधिक श्रेणियों की कटऑफ शून्य या 0.0033 के आसपास दर्ज की गई है। परीक्षा में कुल 120 प्रश्न पूछे गए थे और इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए 53,750 पदों पर नियुक्ति की जानी है। फिलहाल परिणाम दो गुना पदों के अनुपात में घोषित किया गया है, यानी अंतिम चयन से पहले और प्रक्रिया शेष है।
गैर अनुसूचित क्षेत्र में अनारक्षित एक्स सर्विसमैन, एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस विधवा श्रेणियों की कटऑफ लगभग शून्य रही है। वहीं अनुसूचित क्षेत्र में भी कई वर्गों में कटऑफ बेहद कम दर्ज की गई है। दिव्यांग, उत्कृष्ट खिलाड़ी और सहरिया जनजाति से जुड़े कई उपवर्गों में भी चयन के लिए न्यूनतम अंक लगभग नहीं के बराबर रहे।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान यह भी सामने आया कि परीक्षा में शामिल हुए 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में से 26,436 ने दस प्रतिशत से ज्यादा प्रश्नों में किसी भी विकल्प का चयन नहीं किया। ऐसे अभ्यर्थियों को बोर्ड ने अयोग्य घोषित कर दिया है। यह परीक्षा 19 से 21 सितंबर 2025 के बीच छह पारियों में आयोजित की गई थी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इस भर्ती में न्यूनतम अंकों की कोई अनिवार्यता नहीं रखी गई है और ऋणात्मक अंकन के बावजूद चयन संभव है। बोर्ड के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी भर्ती की प्रकृति को देखते हुए कई श्रेणियों में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या सीमित रही, इसी कारण कटऑफ बेहद नीचे चली गई।
इस परिणाम के बाद राज्य में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया और चयन मानकों को लेकर नई बहस छिड़ गई है, वहीं हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह अप्रत्याशित अवसर बनकर सामने आया है।

