पृष्ठभूमि: फिर सामने आया जैश-ए-मोहम्मद का सरगना
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में शामिल मसूद अज़हर से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस कथित क्लिप में भारत के खिलाफ नफरत भरे और भड़काऊ संदेश दिए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
क्या है वायरल ऑडियो में दावा
वायरल ऑडियो में मसूद अज़हर कथित तौर पर अपने समर्थकों और संभावित आतंकियों को संबोधित करता सुनाई देता है। वह कथित रूप से “शहादत” के नाम पर युवाओं को उकसाने, भारत के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार होने और बड़ी संख्या में कैडर मौजूद होने जैसे दावे करता है। ऑडियो में रोजमर्रा की इच्छाओं को त्यागकर हिंसक रास्ता अपनाने की बात कहे जाने का भी आरोप है।
🚨🇵🇰👹 Jaish e Mohammad chief Masood Azhar claims that more than one thousand suicide bombers are ready and are pressuring him to allow them to infiltrate India.
He says they are highly motivated to carry out attacks and attain Shadat
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Azhar says 👇
“Ye ek nahi, dho nahi, 100… pic.twitter.com/wkI2yuaepx
— OsintTV 📺 (@OsintTV) January 11, 2026
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी
ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इसकी प्रामाणिकता, समय और स्रोत की जांच कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसके प्रसार की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे को रोका जा सके।
पिछले अभियानों का संदर्भ
सूत्रों के अनुसार, बीते वर्षों में भारत की कार्रवाई से जैश-ए-मोहम्मद को भारी नुकसान पहुंचा है। कई आतंकी ढांचे ध्वस्त हुए और संगठन की क्षमताओं पर असर पड़ा। इसी पृष्ठभूमि में सामने आई यह ऑडियो क्लिप संगठन की हताशा और नए सिरे से नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
फंडिंग और भर्ती पर नजर
जांच एजेंसियां कथित तौर पर सीमा पार से फंडिंग, नए कैडर की भर्ती और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने की कोशिशों पर भी फोकस कर रही हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आतंकी प्रचार को रोकने के लिए समन्वित कदम उठाए जा रहे हैं।
जनता के लिए अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑडियो, वीडियो या पोस्ट को आगे साझा न करें और ऐसे कंटेंट की सूचना संबंधित प्लेटफॉर्म या एजेंसियों को दें। अफवाहों से बचना और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखना जरूरी बताया गया है।

